शुक्रवार, 5 अक्टूबर 2012

पशु तस्करी का केंद्र बनता झारखंड

झारखंड में पशु तस्करों के गिरोहों की सक्रियता चौंकाने वाली है. पिछले महीने खूंटी के तोरपा थाना क्षेत्र में 300 पशुओं को बांग्लादेश ले जाने के प्रयास का खुलासा होने के बाद पुनः नामकुम में 160 मवेशियों की बरामदगी के साथ सात तस्करों की गिरफ्तारी इस बात का संकेत देती है कि झारखंड पशु तस्करी का एक बड़ा केंद्र बनता जा रहा है. गौ हत्या पर कानूनन प्रतिबंध होने के बावजूद इसकी रोकथाम की दिशा में पुलिस-प्रशासन की भूमिका सवालों के घेरे में है. हर बार ऐसे मामले हिन्दू संगठनों की सक्रियता से ही उजागर हो पाते हैं. पशु क्रूरता निवारण के लिए एक सरकार प्रायोजित विभाग भी है जिसके आरक्षी निरीक्षक स्तर के अधिकारी जिला स्तर पर तैनात किये जाते हैं. लेकिन उनके जरिये कभी पशु तस्करी की कोई बड़ी खेप पकडे जाने का उदाहरण नहीं है. लावारिस या तस्करों के हाथों मुक्त कराये गए पशुओं को रखने के लिए कांजी हाउसों की भी उचित व्यवस्था नहीं है. निजी क्षेत्र का गोशाला नहीं हो तो पशुओं को रखना भी एक बड़ी समस्या है. सरकार की उदासीनता के कारण ही कट्टरपंथियों को साम्प्रदायिकता की आग भड़काने और स्वार्थ की रोटियां सेंकने का अवसर मिलता है.

नवल किशोर सिंह 

 

तभी लगेगी मानव तस्करी पर लगाम


500  से अधिक लोगों पलायन को मानव तस्करों के चंगुल से छुड़ाने की घटना मनरेगा समेत सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और बीपीएल कार्ड बनाने की ज़मीनी हकीकत को उजागर कर गयी. इस खुलासे के बाद सरकार ने जो अह्तियती कदम उठाये उनका स्वागत किया जाना चाहिए लेकिन सरकारी तंत्र के कामकाज के तरीके को देखते हुए यह नहीं कहा जा सकता कि इसे किस हद तक अमली जामा पहनाया जा सकेगा.
सरकार ने निश्चय किया है कि मजदूरी के लिए दूसरे राज्यों में जानेवाले ग्रामीणों का पंचायत स्तर पर पंजीकरण किया जायेगा और उन्हें ले जानेवालों को लाइसेंस जारी किया जायेगा. इससे ग्रामीणों के गम होने या उन्हें बेच दिए जानेवाली घटनाओं में विराम लगेगा. झारखंड की बेटियों को महानगरों में ले जाकर देह मंदी में पहुँचाने वालों की नकेल भी कसी जा सकेगी. इसके जरिये मानव तस्करों के संगठित गिरोह और दूसरे राज्यों के उद्योगों में श्रमिकों की आपूर्ति करनेवाले एजेंटों के बीच फर्क भी किया जा सकेगा लेकिन इसका क्रियान्वयन सही ढंग से हो, ग्रामीण स्तर तक जागरूकता बढ़ सके तभी इसका सकारात्मक परिणाम सामने आएगा.
-----नवल किशोर सिंह